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'चूहे का हाथी पर वार करने जैसा', अमेरिकी अर्थशास्त्री ने भारत के खिलाफ ट्रंप टैरिफ पर उठाए सवाल_我的网站

A | संवाद सूत्र, जागरण, सुरीर। गांव राजागढ़ी स्थित स्कूल में शिक्षक के थप्पड़ से छात्रा से अचेत हो गई। छात्रा के स्वजन ने शिक्षक के खिलाफ पुलिस और प्रधानाचार्य से शिकायत की। गांव नयावांस की किशोरी गांव राजागढ़ी स्थित स्कूल में नौवीं की छात्रा है।,छात्रा चौथे घंटा में अपनी कक्षा में पढ़ रही थी। इंटरवेल होने पर छात्रा बाहर की ओर देखने लगी। कक्षा में पढ़ा रहे शिक्षक इसी बात से नाराज हो गए और उन्होंने पहले तो छात्रा के ऊपर किताब फेंक कर मारी, इसके बाद छात्रा के सिर में थप्पड़ मारे। जिससे छात्रा की दांती भिंच गई और वह अचेत हो गई।,होश आने पर छात्रा को दूसरे शिक्षक के माध्यम से उसके घर पर छुड़वा दिया। शाम को पिता काम कर घर लौटे तो छात्रा ने स्कूल में हुई घटना की जानकारी दी। बुधवार सुबह स्वजन इस मामले को लेकर स्कूल पहुंच गए। जहां उन्होंने प्रधानाचार्य से शिक्षक के बारे में शिकायत की।,बताया गया कि इस शिक्षक ने बुधवार को भी एक दूसरी छात्रा के थप्पड़ मार दिया था। उसके स्वजन भी शिकायत लेकर पहुंचे थे। सूचना थाना पुलिस भी स्कूल पहुंच गई। जहां बातचीत के दौरान शिक्षक के गलती मानने पर मामला शांत हो गया।。 डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका ने आखिरकार भारतीय वस्तुओं के आयात पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। वहीं, ट्रंप को भारत पर टैरिफ को लेकर अपने ही देश में आलोचनाओं सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड वोल्फ ने कहा कि अमेरिका भारत के खिलाफ "दुनिया के सबसे सख्त आदमी" की तरह काम कर रहा है, लेकिन ब्रिक्स को पश्चिम का आर्थिक विकल्प बनाने पर जोर देकर वह खुद ही अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहा है।,
भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा देश है
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भारत अब आबादी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है। अमेरिका का भारत को यह बताना कि उसे क्या करना है, चूहे का हाथी पर मुक्का मारने जैसा है। रशिया टुडे के साथ एक साक्षात्कार में, वोल्फ ने कहा कि अगर अमेरिका भारत के लिए अपने रास्ते बंद कर देता है, तो भारत अपने निर्यात बेचने के लिए अन्य जगहें ढूंढ लेगा, और यह कदम ब्रिक्स देशों को और मजबूत करेगा।,बता दें कि अमेरिकी टैरिफ भारतीय उत्पादों पर अप्रैल से पहले से लग रहे शुल्क से अतिरिक्त है। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर कुल टैरिफ 70 प्रतिशत तक हो गया है। अमेरिका के इस कदम से वहां निर्यात होने वाले करीब 48 अरब डॉलर के भारतीय उत्पादों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।,भारत अमेरिकी की जगह दूसरा स्थान तलाशेगा
उन्होंने कहा कि लेकिन जिस तरह रूस ने अपनी ऊर्जा खरीदने और बेचने के लिए एक और स्थान ढूंढ लिया है, उसी तरह भारत भी अब अपना निर्यात संयुक्त राज्य अमेरिका को नहीं, बल्कि शेष ब्रिक्स देशों को बेचेगा। ब्रिक्स दस देशों का एक समूह है - ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात। इस समूह का उद्देश्य पश्चिमी वित्तीय प्रभुत्व का मुकाबला करना है और डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए विकल्प तलाश रहा है।,अमेरिकी टैरिफ भारत के लिए सबक, इसने जगाने का काम किया
अमेरिका के 50 प्रतिशत के टैरिफ को भारत ने एक सबक के रूप में लिया है। किसी वस्तु के आयात व निर्यात के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहकर अब पूरी दुनिया में भारत की पैठ बढ़ाने की नीति बनाई जा रही है। इस दिशा में वाणिज्य मंत्रालय युद्ध स्तर पर काम कर रहा है ताकि सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में भारतीय निर्यात को बढ़ाया जा सके। किसी वस्तु के आयात के लिए भी किसी एक देश पर निर्भरता नहीं रहे।,भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर होगी चर्चा
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर वार्ता को फिर से शुरू करने से पहले 25 प्रतिशत के अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करवाना चाहता है। वैसे भारत का तर्क है कि सात अगस्त से लग रहे 25 प्रतिशत के पारस्परिक शुल्क को भी बीटीए पर वार्ता शुरू होने से पहले समाप्त किया जाना चाहिए।。Current article:http://u7z5n.guaxiazaopinduan.cfd/news/20260826_547.html
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